हुनरमंद हाथों को मिलेगा पांच प्रतिशत पर लोन
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 18 परंपरागत कलाओं को किया गया है शामिल
नई दिल्ली। परंपरागत कौशल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को विश्वकर्मा योजना का खाका प्रस्तुत कर दिया है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 13 हजार करोड़ के फंड से देशभर के तीस लाख परिवारों को 5% ब्याज पर दो लाख का लोन मिल सकेगा। बुधवार को इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि बुनकर,सुनार, लोहार, लॉन्ड्री कर्मचारी, बारबर,मिस्त्री, माली, कुम्हार जैसे 18 परंपरागत शिल्प में शामिल लोगों को इससे मदद मिल सकेगी। इस योजना का मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सुदृढ़ करना है। इस योजना के माध्यम से प्राथमिक और एडवांस लेवल का प्रशिक्षण भी दिया दिया जाएगा। प्रशिक्षण सत्र के दौरान लोगों को भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण समाप्त करने के बाद उपकरण की खरीद के लिए भी राशि की व्यवस्था की गई है। इस योजना के माध्यम से परंपरागत शिल्प के उत्पाद और सेवा को घरेलू और वैश्विक मंच तक पहुंचाया जाएगा।इस योजना को केंद्र सरकार विश्वकर्मा जयंती पर लागू कर सकती है।













0 Comments