दिवाली पर गाय के गोबर से बने दिये से करें उजाला
प्रयागराज की महिला स्वयंसेवी संगठन द्वारा इको फ्रेंडली दिये बनाने की पहल
प्रयागराज। महिला स्वयंसहायता समूह 'आशा रानी फाउंडेशन ' द्वारा इस दीपावली पर गाय के गोबर से बनाए जा रहे इको फ्रेंडली दिये,वॉल हैंगिंग, गणपति जैसी वस्तुएं केवल प्रयागराज ही नहीं बल्कि दूसरे शहरों और राज्यों के लोगों का ध्यान खींच रही है। आशा रानी फाउंडेशन की आभा सिंह के अनुसार गाय के गोबर के उपयोग से बहुत सारी चीज बनाई जा सकती हैं। जिनके बारे में बहुत से लोग नहीं जानते हैं। जिनका अपना चिकित्सीय महत्व भी है और यह प्रदूषण मुक्त है। संस्था ने दीये और दिवाली पर उपयोग की जाने वाली वस्तुओं को विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किया है। जिसे लोगों ने बहुत सराहा है और आस पास के शहरों और राज्यों से ऑर्डर भी मिला है। जिसे पूरा करने के लिए मेहनत से काम किया जा रहा है। आभा सिंह के अनुसार गोबर से बनाए जाने वाले उत्पाद में समय लगता है। गोबर को सुखाने के बाद महिलाएं घास आदि को इसे निकाल देती हैं। फिर इसे मिट्टी में मिलाया जाता है। फिर आकर देकर इसे सूखने के बाद पेट कर खूबसूरत बनाया जाता है।













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