समाजवादी नेता आज़म खान को पत्नी और पुत्र समेत सात साल की सजा
अब्दुल्ला आजम के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र केस में एमपी/ एमएलए कोर्ट ने सुनाई सजा
लखनऊ। समाजवादी नेता आज़म खान पत्नी तनीज फातिमा और पुत्र अब्दुल्ला आजम को रामपुर की स्पेशल एमपी/ एमएलए कोर्ट ने 2019 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र केस में सात साल की सजा सुनाई। जिन्हें बाद में रामपुर जेल भेज दिया गया। उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी में दोषी पाया गया है। तीनों इस मामले में जमानत पर थे। इस मामले में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने रामपुर के गंज पुलिस स्टेशन में 3 जनवरी 2019 को एफआईआर दर्ज कराई थी। आजम खान और उनकी पत्नी तनीज फातिमा पर अपने पुत्र को दो फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में सहायता करने का आरोप है। जिनमें से एक लखनऊ और दूसरा रामपुर से बना था। रामपुर से प्राप्त जन्म प्रमाण पत्र में अब्दुल्ला की जन्म तिथि 1 जनवरी 1993 है। जबकि दूसरे में उनका जन्म लखनऊ में 30 सितंबर 1990 को दर्शाया गया है। रामपुर से बने प्रमाण पत्र का उल्लेख उनकी शैक्षिक प्रमाण पत्रों में है। दूसरे प्रमाण पत्र का उपयोग अब्दुल्लाह आजम ने 2017 में स्वार विधानसभा से चुनाव लड़ने के दौरान उपयोग में किया था। जिसके चलते उनकी विधानसभा सदस्यता भी चली गई थी।













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