विभिन्न घाटों पर पुलिस ने लगाए सेफ्टी बैनर
स्नान के समय सावधानी बरतने का किया आग्रह
भीषण गर्मी के कारण इन दिनो राहत पाने लिए युवा गंगा और यमुना नदी की ओर रुख कर रहे है। लेकिन जरा सी असावधानी उन्हें मौत के मुंह में धकेल रही है। सोमवार को भी सतना जिले से आए दो युवक गंगा में डूब गए। जिनकी तलाश में जल पुलिस और गोताखोर कर रहे है।पिछले एक हफ्ते में आधा दर्जन युवा नदी की गहराई में समा चुके है। इसी के मद्देनजर विभिन्न घाटों पर पुलिस बैनर के माध्यम से लोगों को सावधान रहने की सलाह दे रही है। नहाते समय नदी में डूबने की लगातार हो रही अनहोनी के मद्देनजर प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट ने खतरनाक घाटों पर लोगों को सावधान करने के लिए बैनर लगाना शुरू कर दिया है। इन दिनों भीषण गर्मी से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग गंगा यमुना की तरफ रुख कर रहे हैं। प्रयागराज पुलिस के साथ ही जल पुलिस ने कोटेश्वर घाट, फाफामऊ, बघाड़ा सलोरी, दारागंज के साथ-साथ तारापुर, ककरहा घाट और सरस्वती घाट को स्नान के लिए खतरनाक बताया है। इसके साथ ही गंगा का कछार भी स्नान के लिए सुरक्षित नहीं है। पुलिस लोगों से स्नान के लिए नियत घाटों पर ही स्नान करने का आग्रह कर रही है। जिसमें संगम, रामघट, काली घाट, दशाश्वमेध घाट, अरैल और छतनाग घाट का उपयोग पर्याप्त सावधानी रखते हुए किया जा सकता है।
इसके साथ ही शहर की नवजीवन स्विमिंग क्लब ने नदी में डूब रहे लोगों को बचाने के लिए अनोखी पहल की है। जिसमें संस्था के दो श्वानो को मीरापुर घाट पर प्रशिक्षित किया जा रहा है प्रशिक्षक त्रिभुवन निषाद ने बताया कि श्वान डूब रहे लोगों को बचा भी चुके हैं। श्वानों के साथ संस्था के लोग लाइफ़सेविंग उपकरण के साथ मौजूद रहते हैं और हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंचकर राहत कार्य करते हैं।
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