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चंद्रशेखर आजाद मुठभेड़ के दस्तावेज कर्नलगंज थाने में मौजूद


एफआईआर की कॉपी



चंद्रशेखर आजाद मुठभेड़ के दस्तावेज कर्नलगंज थाने में मौजूद


27 फरवरी 1931 को अल्फ्रेड पार्क में हुई थी घटना


प्रयागराज। कर्नलगंज थाने के रिकॉर्ड रूम में एक ऐसे क्रांतिकारी के एनकाउंटर की एफआईआर की मूल कॉपी मिली है। जिसे लोग चंद्रशेखर आजाद के नाम से जानते हैं। क्रम संख्या 20 /1, घटना का दिन 27 फरवरी 1931, अपराध भारतीय दंड संहिता की धारा 307, आरोपियों के नाम 1.चंद्रशेखर आजाद 2. अज्ञात और रजिस्टर नंबर 8। यह दस्तावेज रिकॉर्ड रूम के किसी कोने में पड़ा हुआ था। जिसका एक हिस्सा दीमको को ने चट कर लिया है। थाने में कागजातों की जांच के दौरान कोतवाल बृजेश सिंह की नजर इस पर पड़ी पड़ी तो इसकी ऐतिहासिकता को देखते हुए इसे फ्रेम कर कर पुलिस स्टेशन की ही एक दीवार पर गर्व के साथ टांग दिया है। बृजेश सिंह के अनुसार रजिस्टर नंबर 8 में उर्दू में लिखी  एफआईआर को बिना किसी छेड़छाड़ फोटोग्राफ के रूप में इसे फ्रेम करवा कर पुलिस स्टेशन की दीवार पर टंगा गया है। यह एफआईआर अल्फ्रेड पार्क में पुलिस एनकाउंटर के बाद प्रयागराज में 27 फरवरी 1931 को लिखी गई थी। तत्कालीन खुफिया प्रमुख नॉट बाबर को आजाद के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। काकोरी ट्रेन कांड और ब्रिटिश पुलिस अफसर सैंडर्स की हत्या के बाद आजाद सबसे प्रमुख वंचित क्रांतिकारी थे। आजाद अपने मित्र सुखदेव राज से मिलने अल्फ्रेड पार्क में आए हुए थे। तभी नोट बाबर ने पुलिस बल के साथ वहां छापा मारा और फायरिंग शुरू हो गई। चंद्रशेखर आजाद ने वहां मोर्चा संभाला और सुखदेव राज को वहां से निकाल दिया। आखिरी गोली बचने पर खुद को गोली मार ली थी। एफआईआर के अनुसार सब इंस्पेक्टर राय साहब चौधरी रिशाल सिंह इसके जांच अधिकारी थे।

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