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संगम की रेती पर दिखा वायुसेना का शौर्य


ग्लोबमास्टर के साथ सूर्य किरण हॉक विमान


आई एल 78 परिवहन विमान के साथ लड़ाकू विमान 


सारंग टीम के हेलीकॉप्टर


चिनूक हेलीकॉप्टर


लोगो की भीड़



संगम की रेती पर दिखा वायुसेना का शौर्य


वायुसेना के जहाजों के फ्लाईपास्ट और करतब से लोग हुए रोमांचित

प्रयागराज। वायु सेवा के 91वें स्थापना दिवस पर रविवार को संगम की पवित्र की रेती पर आसमान में अलग-अलग दिशा से वायु सेवा के परिवहन विमानों, युद्धक विमानों और हेलीकॉप्टरों ने रोमांचक प्रदर्शन कर लोगों को मंत्र मुक्त कर दिया। दोपहर 2:50 से शुरू हुआ प्रदर्शन शाम 4:40 तक चला इस दौरान संगम क्षेत्र के चारों तरफ लाखों लोगों की भीड़ जमा रही। लोग इन करतबों को देखकर भारत माता की जय जैसे गगन भेदी नारे लगाते रहे। और शो खत्म होने के बाद शहर में भीषण जाम की स्थिति बनी रही जो घंटों तक बना रही। इस दौरान सड़क पर पैदल चलना भी दुश्वार हो गया था। ट्रैफिक कंट्रोल के लिए हाथ से प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था नाकाफी साबित हुई।
इस एयर शो के उपलक्ष में संगम नोज, अरैल घाट और झूंसी के घाटों पर लाखों लोगों की भीड़ दोपहर 2:00 बजे तक जमा हो गई थी। कई ऐसी जगह थी जहां तिल रखने की भी जगह नहीं थी। 2:50 पर दो चिनोक हेलीकॉप्टरों के संगम पर हैरत अंग्रेज ड्रिल से इस एयर शो की शुरुआत हुई। इसके बाद पैराट्रूपर्स ने 8000 की फिट की ऊंचाई से कूद कर लोगों को अपनी दातों में उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद राफेल,तेजस,मिग 29, मिग 21और सुखोई जैसे लड़ाकू विमान और डकोटा आईअल 78, सी 295, ग्लोब मास्टर जैसे परिवहन विमानों ने अपनी झलक दिखाकर लोगों को मंत्र मुक्त कर दिया। तेजस, राफेल और सुखोई विमान द्वारा आसमान में फ्लेयर्स छोड़कर अपनी क्षमता का बखूबी प्रदर्शन किया गया। अर्ली वार्निंग सिस्टम नेत्र के साथ मिराज 2000 फाइटर जेट पर को देखकर लोग तालियां बजाने लगे। ग्लोब मास्टर परिवहन विमान के साथ आए सूर्य किरण टीम के नौ हॉक ट्रेनर जेट विमान ने संगम का चक्कर लगाने के बाद करतब दिखाने शुरू किया। पांच ध्रुव हेलीकॉप्टरों की सारंग की टीम ने आसमान में अपनी कलाबाजी दिखाई। अंत में सुखोई विमान द्वारा त्रिशूल फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया गया। और शो खत्म होने के बाद लोगों की भीड़ घर वापसी के लिए निकल पड़ी जिससे चारों तरफ जाम की स्थिति लग गई। यह जाम की यह स्थिति देर रात तक पूरे शहर में दिखाई दे रही थी। इसके पहले रविवार की सुबह बमरौली स्थित मध्य वायु कमान मुख्यालय पर मुख्य समारोह आयोजित किया गया जिसमें जिसकी अध्यक्षता वायु सेवा अध्यक्ष ने की।

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